[5 Tips] अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है | अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण – Pregnancy Tips

यह लेख कोई महिला पढ़ रही है जो माँ बन्ने वाली है या कोई पुरुष पढ़ रहे है जो भविष्य में पिता बन्ने वाले हैं क्योंकि हर एक माता पिता को उत्सुकता होती है की उनका भविष्य में होने वाला बच्चा लड़का है या लड़की| आज हम अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है, लड़का होने के क्या लक्षण होते है अथवा अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण इसके बारे में बात करने वाले है|

माता के गर्भ में बच्चे का लिंग का विकास 3 महीने की प्रेगनेंसी के बाद सुरु हो जाता है, और बच्चे की अच्छी ग्रोथ और स्वास्थ्य के जांच में लगभग पुरे प्रेगनेंसी के दौरान 4 से 5 बार डॉक्टर के द्वारा अल्ट्रासाउंड किया जाता है|

अल्ट्रासाउंड में बहुत सी चीजे पता चलती है जैसे बच्चे की उम्र, हृदय की धड़कन, बच्चे का भार और बच्चे की स्थिति इत्यादि| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

अल्ट्रासाउंड को पूरी तरह से डॉक्टर समझते है लेकिन एक आम इंसान इसे उतनी आसानी से नहीं समझ सकता इसलिए आज हम अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इस बारे में जानकारी दे रहे है| पूरा लेख पढने पर आपको बहुत सी जरुरी जानकारी मिलेगी चलिए जानते है|

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सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है | How to know boy or girl by ultrasound report in Hindi

अल्ट्रासाउंड में  बच्चे की उम्र, हृदय की धड़कन, बच्चे का भार और बच्चे की स्थिति इत्यादि चीजे आसानी से समझी जा सकती है लेकिन अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इसके बारे में कोई भी आम व्यक्ति नहीं जान पाता, यह केवन डॉक्टर ही जान पाते है|

आम लोग भी सोचते है की वे अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के जरिये ये जान पाए की उन्हें लड़का होने वाला है या लड़की, यहाँ पर मे आपको ये बताता चालू की आपको ये तो जरूर ज्ञात होगा की भारत में गर्भ के बच्चे की लिंग की जांच करना और कराना दोनों दंडनीय अपराध है|

भारत में गर्भ में ही बच्चे की लिंग की जांच कराना अपराध है ऐसे में कोई भी डॉक्टर या माता पिता हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास जानकार बच्चे के लड़का या लड़की होने के बारे में नहीं जान सकते ऐसे में अल्ट्रासाउंड के रिपोर्ट के द्वारा लिंग जानने को कोसिस करते है|

कोई भी डॉक्टर या हॉस्पिटल में किसी भी महीने के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में ये कभी नहीं बताता की बच्चा लड़का है या लड़की या अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है क्योंकि ये अपराध है|

केवल एक अनुभवी डॉक्टर ही अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और स्कैन को देख कर अनुमानित तौर पर बता सकता है की गर्भ में लड़का है या लड़की| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

लेकिन कुछ ऐसे तरीके और लक्षण है जिससे लोग “अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है” ये बताने की दावा करते है चलिए उन लक्षण के बारे में जानते है|

1. भ्रूण के सिर की आकर

कई लोग बताते है की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भ्रूण के सिर का आकर को देखकर गर्भ में लड़का है या लड़की ये बता सकते है| जो अनुभवी डॉक्टर होते है जिन्होंने कई सालों तक गर्भवती महिलओं का अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट निकाला है व बच्चो के बारे में जांच किया है उन्हें छोटी से छोटी चीजो के बारे में बहुत जानकारी हो जाती है|

अनुभवी डॉक्टर महिलओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण के सिर का अकार को देख कर भी अनुमानित तौर पर बच्चा लड़का है या लड़की इसका पता लगा लेते है|

कोई भी डॉक्टर गर्भ के शिशु के लिंग के बारे में तभी जान पाता है जब महिला की प्रेगनेंसी 12 सप्ताह अर्थात 3 महीने की हो| क्योंकि 3 महीने के बाद ही बच्चे का लिंग का निर्माण चालु होता है|

डॉक्टर के अनुसार नर और मादा दोनों शिशु सुरुवाती गर्भावस्था में देखने में बिलकुल समान दिखाई पड़ते है जिससे कोई आम व्यति अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है यह नहीं जान पाता लेकिन अनुभवी डॉक्टर छोटी से छोटी चीजो के आधार पर समझ जाते है की होने वाला शिशु लड़का है या लड़की|

यदि आम व्यक्ति 3 महीने (12 सप्ताह) में अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है ये बात अल्ट्रासाउंड स्कैन देख कर पता लगाना चाहे तो ये मुमकिन नहीं है| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

2. नब लिंग परीक्षण

शुरुआती लगभग 12 से 13 हफ्तों की प्रेगनेंसी में शिशु के पैरों के बीच में एक ट्यूबरकल नाम का जननांग मौजूद होता है जिसको नब कहते है और यही आगे चलकर लड़का या लड़की के लिंग का निर्धारण करता है|

अनुभवी डॉक्टर के अनुभव ये बताते है की अगर नब का कोण रीड की हड्डी से 30 Deegree से अधिक बनता है तब यह गर्भ में लड़का के होने का संकेत बनता है वहीँ अगर नब का कोण रीड की हड्डी से 30 Deegree कम बनता है तो ये लड़की होने का संकेत होता है|

नब लिंग के परिक्षण कर लेने से यह जरूरी नहीं है की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट और स्कैन को देखकर बिलकुल सही तौर पर अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है ये जाना जा सकता है क्यूंकि 3 महीने में बच्चे का लिंग का बनना आरंभ होता है यह आगे चल कर कुछ भी हो सकता है|

जैसा की हमने कहा की डॉक्टर छोटी से छोटी बारीकी को जानकार और समझ कर अल्ट्रासाउंड के द्वारा जान पाते है की गर्भ में लड़का है या लड़की लेकिन नब लिंग परीक्षण को कोई भी आम आदमी अल्ट्रासाउंड के स्कैन में देख कर जान सकता है| लेकिन यह पूरी तरह से सही हो ये जरुरी नहीं है|

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ऊपर बताये गए दो तरीके ऐसे है जिससे एक डॉक्टर पूरी तरह से और एक आम आदमी कुछ हद तक अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इसे समझ सकता है आगे और भी तरीके है जिसके बारे में लोग दावा करते है चलिए जानते है|

3. टर्टल या हैमबर्गर – अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण

3 महीने के बाद बच्चे का अच्छे से शारीर के अंगो का विकास होने लगता है, जब बच्चे के पैर और हाँथ बन्ने लगते है और बच्चा का पैर और हाँथ खुला रहता है तब डॉक्टर टर्टल या हैमबर्गर के अकार को देखकर लड़के या लड़की के होने का संकेत बताते है|

टर्टल या हैमबर्गर अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है
टर्टल या हैमबर्गर -अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

जब गर्भ में लड़का होता है और उसका पैर और हाँथ फैला हुआ होता है तब डॉक्टर को अल्ट्रासाउंड के स्कैन में टर्टल की आकृति दिखती है, 3 महीने के बाद के समय में होने वाले अल्ट्रासाउंड स्कैन में ऐसा देखना संभव होता है| लेकिन यह तरीका भी पूरी तरह अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है बताने में पूरी तरह काम नहीं करती|

जब गर्भ में अल्ट्रासाउंड स्कैन करते है और बच्चे का हाथ पैर खुले होते है तब डॉक्टर को हैमबर्गर की आकृति दिखती है जिससे पता लग जाता है की बच्चा लड़का है या लड़की| लेकिन एक आम इंसान केबल इन आकृति को देख कर बच्चे की लिंग का सही पहचान नहीं कर सकता|

डॉक्टर टर्टल या हैमबर्गर के आकृति के अलावा भी कई सारे छोटी बड़ी बातों को समझते है और जानते है इसलिए उनके लिए सही सही बता पाना संभव होता है| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

4. बच्चे के दिल की धड़कन – अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण

लोग गर्भ के छोटे बच्चे के दिलों की धड़कन के आधार पर भी बच्चे की लिंग को बताने की दावा करते है| इस लक्षण में व्यक्ति अल्ट्रासाउंड में नए बच्चे की हृदय के धड़कन के आधार पर लड़का है या लड़की का पता लगाने की कोसिस करते है|

बच्चे के दिल की धड़कन अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है
बच्चे के दिल की धड़कन अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

इस तरीके में अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इस बात को जानने के लिए लोग मानते है की यदि 140 bpm से निचे की हृदय की धड़कन है तो पक्का लड़का होगा और 140 bpm से अधिक की हृदय की धड़कन होगी तो गर्भ में लड़की के होने का संकेत है|

लेकिन यह तरीका बिलकुल सही नहीं माना जाता न तो डॉक्टर के लिए और न ही आम इंसान के लिए क्यूंकि हर महीने गर्भ के बच्चे की हृदय की धड़कन कम या बढती रहती है| ऐसा जरूरी नहीं है की लड़की का धड़कन 140 bpm से अधिक ही हो या लड़का होने के लिए हृदय की धड़कन 140 bpm से कम हो| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

5. एरेटिक पेनिस – अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण

यह तरीका बहुत सटीक जानकारी देती है और गर्भ में लड़का है या लड़की इस बात को बता सकती है| जब शिशु गर्भ में 4 से 5 महीने का हो जाता है तब अल्ट्रासाउंड के स्कैन में बच्चे के लिंग को सही सही देखा जा सकता है और जाना जा सकता है लेकिन यह केबल डॉक्टर ही जान सकते है|

भारत में अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इस बात को बताना कानूनन अपराध है इसलिए यह बाते आम इंसान सामान्य अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में नहीं जान पाता|

एरेटिक पेनिस में डॉक्टर अपने जांच में यह देख पाते है की गर्भ में लड़का है या लड़की, लड़का होने पर डॉक्टर को साफ़ साफ़ लड़के का पेनिस दिखने लगता है जिससे डॉक्टर सरलता पूर्वक समझ पाते है की गर्भ में लड़का है या लड़की| (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण )

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NOTE:- माता या पिता को जो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिया जाता है उससे गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग का पता लगा पाना बहुत मुस्किल है| क्यूंकि इस रिपोर्ट में केबल उतनी ही जानकारी दी जाती है जिससे बच्चे के स्वास्थ और सरीरक स्थिति के बारे में पता चल सके|

अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण | गर्भ में लड़का होने का लक्षण – अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है
अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

वैसे तो अल्ट्रासाउंड या डॉक्टर के सहायता से गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग का सही जानकारी जान पाना मुस्किल क्यूंकि यह भारत में गेर क़ानूनी है लेकिन बहुत से लोगो का मन्ना है की यदि गर्भवती महिला में निम्न लक्षण हो तो गर्भ में लड़का या लड़की होने की पहचान की जा सकती है|

1. गर्भवती महिला की कोख में लड़की है या लड़का इसको इस बात को कुछ लोग गर्भवती के पेट की अकार को देख कर ही बता देते है| कहा जाता है की गर्भवती महिला का पेट के निचे की हिस्सा में उभार देखने या पेट के निचले हिस्से को उठे होने पर इसे लड़का होने का संकेत माना जाता है|

2. लोगो के मुताबिक़ अगर गर्भवती महिला का पैर और शारीर ठंडा रहने लगता है और बाल इत्यादि झड़ने लगते है तो गर्भ में लड़का है ऐसा माना जाता है|

3. बेकिंग सोडा को गर्भवती महिला के यूरिन में डालने पर युरिने में से झाग निकलने लगती है तो लड़की वरना लड़का होने का संकेत माना जाता है|

4. जिन प्रेगनेंट महिलओं को गर्भावस्था के दौरान कम भूख लगती है, खाना खाने का मन नहीं करता, जी मिचलाता है व उल्टियां होती हैं तो समझ जाएं कि आपके गर्भ में लड़का पल रहा है। यह सब बाते विज्ञानिक रूप से बिलकुल गलत है लेकिन फिर भी कुछ लोग इन बातो को मानते है|

5. बहुत से लोग ये मानते है की महिला को गर्भावस्था में खट्टा के जगह मीठा, आइसक्रीम, रसगुल्ले इत्यादि खाने का मन करे तो गर्भ में लड़की होगा ये मानते है|

6. यदि किसी महिला को बहुत ज्यादा पानी पिने के बाद भी पीले रंग का गहरा पेशाब आता है तो इसे गर्भ में लड़का होने का संकेत माना जाता है|

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किस महीने में लड़का होता है – अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

लड़का या लड़की कोई भी हो उसका जन्म गर्भधारण के लगभग 9 महीने के बाद ही होता है| कुछ केस में बच्चे 9 महीने से पहले ही जन्म ले लेते है तो कुछ बच्चो का जन्म 9 महीने पुरे होने के 2 से 3 सप्ताह के बाद भी होता है|

किस महीने में सहवास करने से लड़का होता है यदि आप ये जानना चाहते है तो इसका कोई विज्ञानिक तौर पर कोई उत्तर मोजूद नहीं है और कई बाबा या गांव के पुराने हाकिम इत्यादि इस बारे में आपको सलाह जरूर दे सकते है लेकिन ये बिलकुल सही नहीं होता है|

यदि कोई लड़का गर्भ धारण से लेकर के जन्म लेने तक की बात करे तो सबसे पहले सुरुवाती तीन महीनो में लड़का और लड़की दोनों में कोई खास फर्क दिखाई नहीं पड़ता| तीसरे महीने के बाद लड़के का लिंग का विकास होना सुरु होता है उसके बाद पूरा शारीर का विकास होने पर 9 वे महीने में बच्चे का जन्म होता है|

गर्भ में लड़के की धड़कन कितनी होती है – अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है

यह एक बिलकुल ही गलत धारणा माना गया है की यदि बच्चे के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में हृदय की तीव्रता 140 bpm से अधिक है तो लड़की होगी और 140 bpm से कम है तो लड़का होगा|

सर एक शिशु का अलग अलग समव्धि पर अलग अलग हृदय की धड़कन हो सकती है और यह लड़का और लड़की दोनों में कम या ज्यादा हो सकती है|

हृदय की धड़कन जानने से अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इस बारे में बिलकुल भी किसी डॉक्टर के द्वारा भी नहीं बताया जा सकता की शिशु लड़का है या लड़की इसके लिए डॉक्टर को अन्य कई चीजे भी करनी पड़ती है|

किसी भी शिशु का धड़कन 3 से 4 महीने के होने पर सामान्य 130 से 160 तक भी होती है| गर्भ में लड़के की धड़कन 130 से 160 तक हो सकती है और लड़की की भी 130 से 160 के बीच में हो सकती है|

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गर्भ में लड़का किस साइड रहता है

यह विज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं है लेकिन कुछ लोग ऐसा मानते है की यदि गर्भवती महिला का पेट का निचला हिस्सा उभरा हुआ है या फुला है तो ये लड़का होने का संकेत है|

गर्भ में लड़का होने के संकेत

नब लिंग परीक्षण या एरेटिक पेनिस के द्वारा आसानी से गर्भ में लड़का है या लड़की इस बात का पता लगाया जा सकता है| नब लिंग परीक्षण में प्रेगनेंसी के 3 महीने के बाद जब बच्चे में लिंग का निर्धारण सुरु हो जाता है तब ट्यूबरकल नाम का जननांग बच्चे का लिंग का निर्धारण करता है और गर्भ में लड़का होने के संकेत को बता पाता है|

पांचवे महीने में लड़का होने के लक्षण

देखिये प्रेगनेंसी का जो भी महिना चल रहा हो आप डॉक्टर से क़ानूनी तौर प् बिलकुल नहीं जान सकते की गर्भ में लड़का है या लड़की और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में भी ऐसा कोई खास जानकारी नहीं दी जाती जिससे की साफ़ साफ़ पता चल सके की गर्भ में लड़का है या लड़की और जितने भी तरीके सामान्य तौर पर किसी YouTube विडियो या इन्टरनेट के माध्यम से पता चलते है वे प्रमाणित नहीं होते|

निष्कर्ष

जब भी कभी किसी के परिवार में कोई बच्चा जन्म लेने वाला होता है तब वह बहुत से चीजों की उत्सुकता और खुसी लेकर आता है उन्ही में से एक है लड़का है या लड़की ये बात जानने की इक्षा| इस आर्टिकल में हमने अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है इस बारे में पूरा डिटेल में सही जानकारी देने की कोसिस करी है|

भारत में किसी भी तरह से भ्रूण के लिंग की जांच करना या करवाना कानून अपराध है ऐसे में बहुत से माता पिता को बच्चे के जन्म से पूर्व बच्चे की लिंग अर्थात लड़का है या लड़की जानने की इक्षा होती है ऐसे में वे बच्चे के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पढ़कर जानना चाहते है की लड़का है या लड़की|

इसलिए यदि आप (अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान हैअल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण ) इस लेख को पूरा पढ़ लेते है तो आपको बहुत अछे से समझ में आ जाएगा की अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है है कैसे पता कर सकते है|

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